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Friday, March 8, 2019

शिर्डी के साईं बाबा का इतिहास व कहानी | Shirdi Sai Baba History Story in Hindi


शिर्डी के साईं बाबा का इतिहास व कहानी Shirdi Sai Baba History Story in Hindi

प्रारंभिक जीवन Early Life

साईं बाबा एक जन्म ब्राह्मण जोड़े के यहाँ पथरी गाँव में हुआ था, जो ब्रिटिश भारत के निजाम राज्य में था। जहां उसके माता-पिता ने उन्हें फकीर को सौंप दिया था। ये उनके आखिरी दिनों में बाबा द्वारा बताये गये शब्द थे। लेकिन जन्म की तारीख अभी भी दुनिया के लिए अज्ञात है। बाबा पहली बार 16 साल की उम्र में महाराष्ट्र में शिरडी गांव आये थे।

लोग उसे देखकर आश्चर्यचकित हुये कि एक लड़का बहुत ही कम उम्र में एक नीम के पेड़ के नीचे आसन में बैठकर गहरा ध्यान कर रहा है, बिना भोजन और बिना पानी के। इसके बाद लोग इस युवा बाबा पर बहुत आस्था करने लगे। गांव प्रमुख की पत्नी बयाजाबाई ने बचपन में साई बाबा के कल्याण के बारे में पूछताछ की। धीरे-धीरे वे बाबा के लिये खाना लाने लगी।

साईं बाबा के चमत्कारी कहानी Sai Baba Stories in Hindi


साईं बाबा रोज़ मंदिर और मस्जिद में दिया जलाते थे, पर इसके लिये उन्हें बनियों से तेल मांगने की जरुरत होती थी पर एक दिन बनियों ने बाबा से कह दिया बाबा हमारे पास तेल नहीं है। तब बाबा वहां से चुपचाप चले गये और मंदिर जाकर उन्होंने दिये में तेल की जगह पानी डाला और दिया जल पड़ा और यह बात चरों तरफ फ़ैल गई। तब वहां के बनिये उनके सामने आये और उनसे मांफी मांगी तो बाबा ने उन्हें माफ़ कर दिया और उनसे कहा अब कभी झूठ मत बोलना ।

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                                                                                                                                                                                                           Source:https://bit.ly/2RTOSro

Thursday, September 3, 2015

Shirdi Sai Baba in Dwarakamai

Sai Baba came to Shirdi and stayed at Dwarkamai many years in his life till the end. In Dwarkamai he solved many problems of the people. He cured the worries of the people and he cured all the diseases of the people.