Shri Radhe Maa, also called Mamtamai Shri Radhe Guru Maa and Guru Maa by her devotees, is a Hindu spiritual teacher and guru from India. Shri Radhe Maa emphasises the need for surrender to God, humility, truthfulness, self-discipline and self-restrain. Radhe Maa urges devotees to engage with society through initiatives like donation of blood, clothes, food, books and medicines to orphanages, old age homes and sadhus
Wednesday, June 1, 2011
Tuesday, May 31, 2011
Param Pujya Shri 'Radhe Maa' - Chowki at Phagwara


ममतामयी श्री राधे माँ जी के अनन्य भक्त श्री करवाल जी ने श्री राधे माँ जी के पावन चरण कमल फगवारे की धरती पर रखने और उसको पावन करने और उनके (करवाल जी) घर में प्रवेश करने के न्म्र्निवेदन एवं आग्रह को दयालु श्री राधे माँ जी ने स्वीकार कर फगवारा में आगमन किया | .
जहाँ इन सब भक्तो ने पूरे तन मन और हर्षोउल्लास से ,पटाखों,बैंड बाजे,ढोल ताशों के साथ श्री राधे माँ जी का भव्य स्वागत किया |
इतनी भक्ति,प्रेम,उत्साह और स्वयं के लिए ये दीवानापन देख ममतामयी श्री राधे माँ जी भी भाव विभोर हो उठी और देश भर से आये अपने अनेक भक्तों पर अपनी कृपा लुटाई, इसके बाद बड़े भारी ह्रदय से उनके सभी फगवारा के भक्त फगवारा की सरहद तक छोड़ने आये तथा फिर से शीघ्र पधारने की आंसुओं भरी अर्दासें डाल श्री राधे माँ जी को विदा किया|
Monday, May 30, 2011
Param Pujya Mamatami 'Shri Radhe Maa' - 'Mata Chintpurni' Darshan and 'Chowki at Jalandhar'
करुणामयी श्री राधे माँ जी मुकेरियां के भगतों को निहाल करने के पश्चात हिमाचल के सुन्दर घने पर्वतों में स्थित नौ देवियों में सबसे छोटी बेहेन 'माँ चिंतपूर्णी' के दिव्य दर्शन करने पधारे |

पुराणों के अनुसार यह भी मान्यता है की सती के पावन मृत शारीर को भेदने हेतु जब विष्णु जी ने सुदर्शन चक्र चलाया था तो शक्ति के कुछ अंग इस पवित्र स्थान पर भी गिरे थे,हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित इस पवित्र तीर्थ स्थान को माँ छिन्नमस्तिका भी कहा जाता है!
हिन्दू शास्त्र ऐसा मानते हैं की यदि आप ऐसी कोई तीर्थ यात्रा किसी सिद्ध महापुरुष या सद्गुरु के साथ करें तो आपको ८० (अस्सी) तीरथ के बराबर का फल मिलता है !
ऐसी मान्यता है के मंदिरों ,देवालयों और किसी भी दिव्य स्थान पर यदि योगी,साधक,ऋषि-मुनि या सद्गुरु दर्शन करने आते हैं तो उस स्थान का प्रभाव या तेज और अधिक बढ़ जाता है!
पंजाब के भक्तों ने भी माँ चिंतपूर्णी जी के दिव्य दर्शन कर 'देवी माँजी' के दर्शन का लाभ लिया |
सुप्रसिद्ध भजन गायक श्री करमा रोपड़ वाले जी ने भी माँ चिंतपूर्णी के यहाँ हाजरी लगाकर 'देवी माँजी'' के दिव्य दर्शन का लाभ उठाया |दर्शनों के पश्चात "शिव भोला समिति" मुकेरियां द्वारा भक्तों के लिए स्वादिष्ट लंगर की भी व्यवस्था की गयी थी |


यदि गुरु मंदिर जाएँ और का प्रभाव और तेज़ बढ़ जाये तो ज़रा सोचिये की गुरुवार यदि अपने किसी भक्त के यहाँ पदार्पण कर दें तो उस घर आँगन के तो भाग ही खुल जाते होंगे,गुरु जब भी किसी के अपने पावन चरण कमल डालते हैं तो संग संग अपने भीतर समाई सकारात्मक ऊर्जा ओ भी उस घर परिवेश में फैला देते हैं,जिससे वाही ऊर्जा आप में आती है और उसके बाद जब आप अपने कार्ख्सेत्र में जाते हैं तो यही सकारात्मक ऊर्जा आपके काम भी बनती है!ऐसे ही चिंतपूर्णी जी के दर्शन के पश्चात देवी माजी के अनन्य भक्त श्री बिपिन जी ने ''देवी माँजी'' को जालंधर में अपने घर में चरण कमल डालने की बिनिती की | बिपिन जी की भक्ती, प्यार और मोहब्बत देख ''देवी माँजी'' ने उनकी इस बिनिती को स्वीकार किया |
जालंधर के भक्तों ने 'देवी माँजी' के आगमन के लिए भव्य स्वागत की तय्यारी की थी |
'देवी माँजी' ने खुले दिल से अपने दिव्य दर्शन दे कर सब भक्तों को निहाल किया |
श्री बिपिन जी ने 'राधे माँ जी' के स्वागत में 'माँ भगवती' के विशाल जागरण का आयोजन किया जिसमे शान-ए-पंजाब श्री 'सरदूल सिकंदरजी' ने भी अपनी सुमधुर वाणी से हाजरी लगायी और वातावरण को और अधिक दिव्य एवं भक्तिमय बना दिया|
Saturday, May 28, 2011
Friday, May 27, 2011
Wednesday, May 25, 2011
Wednesday, May 4, 2011
Param Shradhey Shri Radhe Maa - Chowki at Ludhiana

मुकेरियां में अपनी कृपा के अमृत की बौछार के पश्चात अब ममतामयी श्री राधे माँ जी लुधिआना (पंजाब) के भक्तों पर अपनी कृपा के मोती बरसाने पहुँच गए हैं ,करुणामयी श्री राधे माँ जी के लुधिआना आगमन पर भक्तों ने बड़े ही मनमोहक और भावपूर्ण ढंग से देवी माँ जी का स्वागत किया और अपनी व्याकुलता और आंसू भरी प्रतीक्षा के भाव प्रकट किये , कहते हैं महापुरुष,सद्गुरु,ज्ञानी ध्याई जहाँ भी जाते हैं अपनी दिव्यता के प्रताप से सारे वातावरण को ऊर्जा और सकारात्मकता से परिपूर्ण कर देते हैं,ऐसा ही कुछ अब लुधियानावासी भी महसूस कर रहे हैं|


सबसे पहले जब ममतामयी श्री राधे माँ जी का आगमन हुआ तो बड़ी ही आकर्षक और सुन्दर आतिशबाजी से देवी माँ जी का स्वागत हुआ,करुणामयी श्री राधे माँ जी के एक और अनन्य भक्त श्री. जगदीश राय सिंगल के द्वारा निर्मित लुधियाना स्थित 'इम्प्रेशन फार्म हाउस' में देवी माँ जी विराजमान हैं,जो की भक्तों ने बहुत ही भाव,श्रद्धा और प्रेम से श्री राधे माँ जी को समर्पित किया है,आधुनिकता और भारतीय संस्कृति को ध्यान में रखते हुए यह फार्म हाउस बड़ा ही आकर्षक,प्राक्रतिक सौन्दर्यता से भरपूर है, जब यहाँ सुबह और शाम भजनों के सुमधुर स्वर गूंजते है तो ऐसा प्रतीत होता है की बस ममतामयी श्री राधे माँ जी की असीम कृपा से हम यहीं बस जाएँ|
श्री राधे माँ ने अपने अनन्य भक्त परिवार महेन्द्रू जी के यहाँ भी अपने पावन चरण कमल रखे,सारा का सारा महेन्द्रू परिवार ममतामयी श्री राधे माँ जी के चरणों की सेवा में तत्पर रहता है,जो की विशाल साय्कल्स के नाम से सुप्रसिद्ध है,जहाँ माँ भगवती की विशाल चौकी का आयोजन किया गया और श्री कर्म रोपद्वाला जी ने सुमधुर हाजरी भरी और आये भक्तों को करुणामयी श्री राधे माँ जी के दुर्लभ और दिव्य दर्शनों का लाभ भी मिला|
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