Monday, April 4, 2011


नवरात्री की राम नवमी के शुभ उपलक्ष में ममतामयी श्री राधे माँ जी के पावन सानिध्य में भव्य शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है , १२ अप्रैल २०११ को शाम ४ बजे ये भव्य और दिव्य शोभा यात्रा  डेरा परमहंस बाग़,मुकेरियां (पंजाब) से आरम्भ होगी ,जिसमे श्री राम दरबार सहित अन्य कई देवी देवताओं की विशाल मनमोहक और सुन्दर झांकियों के दर्शन किये जा सकते हैं, देश विदेश से आये माँ भक्तों संग देश भर से पधारे साधू संत भी देवी माँ जी के दिव्य दर्शन करने पहुचते हैं ,मुकेरियां के सभी अनन्य भक्तों की विनती पर करुणामयी श्री राधेमाँ जी इस भव्य शोभा यात्रा में अपने सभी भक्तों को दिव्य दर्शन देने वाली हैं , सम्पूर्ण मुकेरियां नगर बड़ी बेसब्री से १२ अप्रैल का इंतज़ार कर रहा है और माँ के दर्शन पाने को उत्सुक है, जिसके लिए भक्तों ने अनिवार्य और आवश्यक सभी इंतजाम किये हैं,इस राम नवमी की शोभा यात्रा के समय पूरा मुकेरियां नगर मानो जय माता दी के सुमधुर नाद से गूँज उठता है और सारा वातावरण दिव्य एवं भक्तिमय हो जाता हैI  

Murti Sthapna at Khanpur Mukerian (Punjab)

हिंदू धर्म और शास्त्रों में जैसे दर्शनों का महत्व बताया गया है I ठीक उस ही प्रकार मंदिरों और देवालयों का भी महात्म्य बताया गया है , एक भक्त के जीवन में मंदिर बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है, क्यूंकि किसी और जगह को छोड़ मंदिर में की गयी,भक्ति, सेवा और भजन ज़्यादा फलदायक होते हैं ,ऐसी मान्यता है की भक्त द्वारा की गयी पूजा अर्चना और भक्ति उस मंदिर के प्रांगण और वातावरण को और भी तेजस्वी एवं जागृत कर देती हैI

करुणामयी श्री राधे माँ जी के परम आशीर्वाद से उनकी कर्मभूमि खानपुर,मुकेरियां (पंजाब) में उनके ही सानिध्य में ऐसे ही एक मनमोहक,जागृत और दिव्य मंदिर की स्थापना की गयी है,मंदिर के निर्माण का परम उद्देश्य भक्तो में भागवत भक्ति,सद्भावना और प्रेम का प्रचार करना है,इस दिव्य स्थान में माँ शेरावाली सहित गणेश जी और हनुमान जी की भी मूर्तियाँ स्थापित की गयी हैं, अनगिनत भक्तों ने इस पावन मंदिर के दर्शन कर माँ का पावन आशीष पाया है I पंजाब के सुन्हेरे खेतों के बीच और सुंदर भूमि पर स्थित इस मंदिर का वातावरण इतना भक्तिमय,सौम्य और दिव्य है की मानो आप बस यहीं माँ की शरण में रुक जाएँ और रज रज माँ के दर्शन पाते रहेंI



हर वर्ष चैत्र की नवरात्रि की नवमी (राम नवमी ) में विश्व कल्याण हेतु करुणामयी श्री राधे माँ के पावन सानिध्य में एक भव्य शोभा यात्रा का आयोजन होता है, जिसमे श्री राम दरबार सहित अन्य कई देवी देवताओं की अनुपम और मनुहारी झांकियों के दर्शन किये जा सकते हैंI

Monday, March 28, 2011

Jodhpur welcomes Param Shradhey Shri Radhe Maa at Umaid Bhawan Palace

 
जय माता दी ,
                         
 
                   हिन्दू धर्म में दर्शनों का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है, मीरा बाई, नरसिंह मेहता , द्रौपदी , भक्त प्रह्लाद सहित अनगिनत उदाहरण हैं जहाँ भक्त की आर्त पुकार पर प्रभु ने  भक्त को दर्शन देकर कृतार्थ किया है  ,दर्शन का एक और रूप है तीर्थ यात्रा, जैसे चार धाम, हरिद्वार में गंगा जी के दर्शन,हृषिकेश,अमरनाथ,वैष्णो देवी संग तिरुपति बालाजी  आदि की यात्रा,भक्तों द्वारा  ऐसे तीर्थ स्थानों की यात्रा करने से पाप, कष्ट आदि का निवारण तो होता ही है साथ ही साथ मन को बड़ी दिव्य शांति भी प्राप्त होती है!और यदि यही तीर्थ यात्रा आप किसी सिद्ध महापुरुष या सद्गुरु के साथ करें तो आपको ८० (अस्सी)  तीरथ के बराबर का फल मिलता है ! ऐसी मान्यता है के मंदिरों ,देवालयों और किसी भी दिव्य स्थान पर यदि योगी,साधक,ऋषि-मुनि या सद्गुरु दर्शन करने आते हैं तो उस स्थान का प्रभाव या तेज और अधिक बढ़ जाता है!

ममतामयी श्री राधे माँ ने ठीक इसी प्रकार पिछले कुछ दिनों में राजस्थान में स्तिथ कई तीर्थ स्थानों के दर्शन किये तथा  उनके साथ गए भक्तों  का कल्याण भी किया , दिनांक १४ मार्च २०११  को देवी माँ जी जयपुर से सीधा शीश के दानी श्री खाटू श्याम बाबा जी के दर्शन करने खाटू पधारे और यहाँ श्याम सांवरे के दर्शन कर अपने संग आई संगत का भी कल्याण किया, ज्यूँ ही करुणामयी श्री राधे माँ के आने का सुसमाचार मिला तो खाटू की सभी सुप्रसिद्ध समितियों और मंडलों ने बड़े ही सुनियोजित ढंग से श्री राधे माँ के स्वागत और दर्शनों की व्यवस्था की,उस वक़्त मानो सारा वातावरण भक्तिमय और एक त्यौहार में परिवर्तित हो गया था,सुप्रसिद्ध भजन गायक श्री लखबीर सिंग लक्खा जी जो पहले से ही खाटू श्याम बाबा की सेवा में थे, श्री राधे माँ के आने की खबर सुन उन्होंने (लक्खा जी ) भी देवी माँ जी के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया ! हम भक्त जो, ममतामयी श्री राधे माँ की  पावन शरण में हैं,हम उन्हें नंद्किशोर देवकीनंदन प्यारे कृष्ण कन्हैय्या के रूप में भी देखते हैं ! कई बार जब देवी माँ जी ध्यान मग्न मौज में होतीं हैं तो ठीक वैसी ही लीलाएं करतीं हैं जो हम श्री बालकृष्ण के बारे में पढ़ या सुन चुके हैं!

इसके बाद देवी माँ जी पुष्कर की पावन स्थली पर सृष्टि रचयिता श्री ब्रह्मा जी के दर्शन करने पहुंचे,यहाँ भी श्री राधे माँ जी के भक्तों ने बड़े सुन्दर आयोजन  के अंतर्गत पूरे विश्व में एक मात्र ब्रह्मा जी के मंदिर में बड़े ही सुन्दर और मनुहारी  दर्शन करवाए! जैसे ही  श्री राधे माँ के पावन चरण कमल ब्रह्मा जी के मंदिर परिसर में पड़े तो ब्रह्मा जी के आदर में मानो देवी माँ जी के ह्रदय से "ॐ  एंग  ह्रिंग श्रिंग  क्लिं सौह सत चिड एकं ब्रह्मा"  इस पावन मंत्र का नाद हुआ और सारा प्रांगण श्री राधे माँ संग ब्रह्म चरणों में नतमस्तक हो गया! 

इसके पश्चात श्री राधे माँ जी ने अजमेर स्थित ख्वाजा गरीब नवाज़ हज़रत मुइनुद्दीन चिश्ती की पाक़ दरगाह के दर्शन कर भक्तों के समक्ष उदाहरण रख दिया के उनका ध्येय मात्र प्राणियों में सद्भावना और सर्वधर्म सम्मान का सन्देश फैलाना है,किसी भी धर्म विशेष को माँ महत्व नहीं देती बल्कि मानावता के धर्म को ही महत्व मिलना चाहिए,इसके पश्चात देवी माँ जी ने चुरू स्तिथ सालासर हनुमान जी के दर्शन हेतु  प्रस्थान किया फिर करणी माता जी के पावन दर्शन कर जोधपुर के लिए रवाना हो गए जहाँ ममतामयी श्री राधे माँ जी के लिए भक्तो ने प्रसिद्ध उमेद पैलेस में भव्य स्वागत सहित रहने का इंतजाम किया,भारतवर्ष और विदेश से पधारे कई भक्त जो इस दिव्यता से परिपूर्ण तीर्थ यात्रा में शामिल हुए थे , माँ के दुर्लभ और दिव्य दर्शनों कर अपना एवं अपने परिवारजनों का कल्याण किया!

हम आशा और मनोकामना करते है की ममतामयी श्री राधे माँ जी हमे सदा अपने चरणों में ऐसे ही लगाये रखें और हमे सेवा का यूँ ही शुभावसर प्राप्त होता रहे

जय श्री राधे माँ

जय माता दी