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Wednesday, June 14, 2017

जानिए किस देवी को प्रिय है कौन सा फूल !!


संसार में धर्म की स्थापना एवं भक्तों के कल्याण के लिए मां ने कई रूप धारण किये हैं। महिषासुर का वध करने वाली माता ने कात्यायन ऋषि की तपस्या से प्रसन्न होकर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया। इस कारण से माता कात्ययनी कहलायी।

चण्ड मुण्ड का वध करने के लिए काजल के समान काला वर्ण लिये हुए प्रकट हुई और काली कहलायी। शुभ निशुम्भ का संहार करने के लिए मां कौशिकी हुई। जीवों को ज्ञान, बुद्घि एवं वाणी देने के लिए मां वागीश्वरी हुई। 

मां के जितने भी रूप हैं सभी के अपने-अपने गुण एवं कर्म हैं। मां के ज‌िस रूप की कृपा पाना चाहते हैं मां के उस रूप की पसंद के अनुसार फूल अर्प‌ित करके उनकी पूजा करें। इससे माता की अनुकंपा जल्दी मिलती है।

काली एवं कालरात्रि का प्रिय फूल :- 

माता काली एवं कालरात्रि को गुरहल का फूल बहुत पसंद है। इन्हें 108 लाल गुरहुल का फूल अर्पित करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।


दुर्गा मां का प्रिय फूल :- 

दुर्गा मां को भी लाल फूल पसंद है। इन्हें खुश करने के लिए लाल गुलाब या लाल गुरहुल के फूल की माला पहनाएं। आर्थिक परेशानियां दूर होगी।


सरस्वती मां का प्रिय फूल :- 

मां सरस्वती शांत एवं सौम्य मूर्ति हैं। इन्हें प्रसन्न करने के लिए सफेद अथवा पीले रंग का फूल चढ़ाएं। सफेद गुलाब, सफेद कनेर, चम्पा एवं गेंदे के फूल से मां खुश होती हैं। इससे ज्ञान एवं बौद्घिक क्षमता बढ़ती है। माता ब्रह्मचारिणी को भी यह फूल पसंद है।



लक्ष्मी मां का प्रिय फूल :- 

माता लक्ष्मी सौभाग्य एवं सम्पदा की प्रतिमूर्ति हैं। इन्हें लाल फूल पसंद है। लक्ष्मी माता की कृपा पाने के लिए इन्हें कमल का फूल अथवा गुलाब का फूल अर्पित करें। भगवान विष्णु की अर्धांगिनी होने के कारण लक्ष्मी माता पीले रंग के फूल से भी खुश होती हैं। जल में उत्पन्न होने के कारण कमल कमल फूल माता को सबसे अधिक प्रिय है क्योंकि लक्ष्मी स्वयं जल (सागर) से प्रकट हुई हैं।


गौरी माता एवं शैलपुत्री का प्रिय फूल :- 

माता गौरी एवं शैलपुत्री को सफेद एवं लाल पुष्प पसंद है। सुहागन स्त्रियों को लाल फूल से मां की पूजा करनी चाहिए। इससे सुहाग की उम्र बढ़ती है। कुंवारी कन्याओं को भी लाल रंग के फूल से ही मां की पूजा करनी चाह‌िए।



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